क्या आपका एंड्रॉइड स्मार्टफोन अचानक बहुत धीमा हो गया है, ऐप्स अपने आप बंद हो रही हैं या फोन बार-बार रीस्टार्ट हो रहा है? अक्सर हम ऐसी समस्याओं के लिए फोन के हार्डवेयर को दोष देने लगते हैं, लेकिन असल में इसकी वजह कोई खराब या मालवेयर से भरी थर्ड-पार्टी ऐप हो सकती है। ऐसे में पूरे फोन को फॉर्मेट किए बिना समस्या की जड़ तक पहुँचने का सबसे बेहतरीन तरीका है Android Safe Mode का उपयोग करना। इस खास फीचर की मदद से आप बिना अपना जरूरी डाटा खोए, अपने फोन की परफॉरमेंस से जुड़ी दिक्कतों को आसानी से ठीक कर सकते हैं।
एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में सेफ मोड एक डायग्नोस्टिक टूल की तरह काम करता है। जैसे ही आप अपने डिवाइस को इस मोड में बूट करते हैं, आपका फोन केवल उन्हीं ऐप्स और सर्विस को लोड करता है जो फोन के साथ इन-बिल्ट आई थीं। यानी आपके द्वारा प्ले स्टोर या किसी अन्य जगह से डाउनलोड की गई सभी थर्ड-पार्टी ऐप्स अस्थायी रूप से डिसेबल हो जाती हैं।
सेफ मोड आपके फोन के डाटा को डिलीट किए बिना यह पता लगाने में मदद करता है कि खराबी किसी ऐप में है या सिस्टम में।
अधिकांश आधुनिक एंड्रॉइड स्मार्टफोन्स में सेफ मोड को ऑन करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको कुछ सरल स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
एक बार जब आपका फोन इस मोड में चालू हो जाए, तो चेक करें कि क्या आपका फोन अभी भी हैंग या क्रैश हो रहा है। अगर सेफ मोड में फोन बिल्कुल स्मूथ चल रहा है, तो इसका सीधा मतलब है कि समस्या आपके द्वारा डाउनलोड की गई किसी ऐप की वजह से ही थी।
हाल ही में डाउनलोड की गई उन ऐप्स को याद करें जिन्हें इंस्टॉल करने के बाद से यह दिक्कत शुरू हुई। आप सेफ मोड में रहते हुए ही 'Settings > Apps' में जाकर उन संदिग्ध ऐप्स को अनइंस्टॉल कर सकते हैं। ऐप हटाने के बाद फोन को सामान्य रूप से रीस्टार्ट करें।
जब आप समस्या का निवारण कर लें, तो Android Safe Mode से बाहर आना बेहद आसान है। बस अपने फोन के पावर बटन को दबाएं और सामान्य रूप से 'Restart' विकल्प को चुनें। फोन दोबारा चालू होने पर आपकी सभी डाउनलोड की गई ऐप्स वापस सामान्य रूप से काम करने लगेंगी।
क्या आपने कभी अपने फोन को ठीक करने के लिए सेफ मोड का इस्तेमाल किया है? अपना अनुभव नीचे कमेंट्स में जरूर शेयर करें!









