आज के डिजिटल दौर में 10 से 15 हजार रुपये के बजट में मिलने वाले सस्ते क्रोमबुक पहली नज़र में एक बेहद आकर्षक सौदा नजर आते हैं। बेसिक इंटरनेट ब्राउज़िंग, ऑनलाइन क्लास और रोज़मर्रा के हल्के-फुल्के कामों के लिए लोग इन्हें बिना सोचे-समझे खरीद लेते हैं। लेकिन यह कम कीमत अक्सर एक बड़ा छलावा साबित होती है। जैसे ही इन डिवाइसेज का शुरुआती आकर्षण खत्म होता है, इनकी घटिया बिल्ड क्वालिटी, सुस्त परफॉरमेंस और सॉफ्टवेयर सपोर्ट की पाबंदियां सामने आने लगती हैं। नतीजा यह होता है कि महज दो सालों के भीतर आपका यह नया बजट लैपटॉप एक बेकार डिब्बे में तब्दील हो जाता है।
बहुत से लोग सस्ते क्रोमबुक खरीदते समय केवल रैम और प्रोसेसर देखते हैं, लेकिन स्टोरेज के प्रकार पर ध्यान नहीं देते। इन बजट क्रोमबुक में तेज़ SSD की जगह eMMC स्टोरेज दी जाती है। eMMC स्टोरेज असल में एक पेनड्राइव या SD कार्ड की तरह ही धीमी तकनीक है। शुरुआती कुछ महीनों में जब क्रोमबुक खाली रहता है, तब यह ठीक काम करता है। लेकिन जैसे-जैसे सिस्टम में कैश फाइलें, ऐप डेटा और नया अपडेट जमा होता है, इसकी स्पीड अचानक गिर जाती है। मल्टीटास्किंग तो दूर, ब्राउजर में 4-5 टैब खोलते ही यह क्रोमबुक हैंग होने लगता है।
धीमी eMMC स्टोरेज और कमजोर प्रोसेसर का कॉम्बिनेशन आपके क्रोमबुक को कुछ ही महीनों में बेहद सुस्त बना देता है।
अत्यधिक कम कीमत पर लैपटॉप बेचने के लिए कंपनियां इसके हार्डवेयर और बॉडी मैटेरियल में भारी कटौती करती हैं। सस्ते क्रोमबुक पूरी तरह से बेहद सस्ते और पतले प्लास्टिक से बने होते हैं। सबसे ज्यादा समस्या इनके हिंज (Hinges) में आती है। बार-बार स्क्रीन खोलने और बंद करने से प्लास्टिक के हिंज ढीले पड़ जाते हैं या फिर टूट जाते हैं। इसके अलावा, इनमें मिलने वाले डिस्प्ले पैनल का व्यूइंग एंगल और ब्राइटनेस इतनी खराब होती है कि कुछ घंटे लगातार काम करने पर आंखों में थकान होने लगती है।
विंडोज या मैक लैपटॉप्स की तरह क्रोमबुक को अनिश्चित काल तक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं मिलते। गूगल प्रत्येक क्रोमबुक मॉडल के लिए एक 'Auto Update Expiration' (AUE) तारीख तय करता है। जब आप कोई पुराना या बेहद सस्ता क्रोमबुक खरीदते हैं, तो हो सकता है कि उसकी अपडेट लाइफ का आधा समय पहले ही खत्म हो चुका हो। सॉफ्टवेयर अपडेट बंद होते ही आपको सुरक्षा से जुड़े खतरे तो होते ही हैं, साथ ही नई वेब तकनीक और ऐप्स का सपोर्ट भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।
अगर आप लंबे समय के लिए एक भरोसेमंद डिवाइस चाहते हैं, तो सस्ते क्रोमबुक खरीदना पैसे की बर्बादी साबित हो सकता है। शुरुआती बचत आपको कुछ समय की खुशी दे सकती है, लेकिन दो साल के अंदर हार्डवेयर की खराबी और परफॉरमेंस में गिरावट के कारण आपको नया लैपटॉप खरीदना ही पड़ेगा। इससे बेहतर है कि आप थोड़ा बजट बढ़ाकर एक बेहतर बिल्ड क्वालिटी और NVMe SSD स्टोरेज वाला एंट्री-लेवल विंडोज लैपटॉप या रिफर्बिश्ड प्रीमियम लैपटॉप चुनें, जो लंबे समय तक आपका साथ दे सके।
क्या आपने कभी कोई बजट क्रोमबुक इस्तेमाल किया है? आपका अनुभव कैसा रहा, हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं!









